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गुजरात

गुजरात (गुजराती:ગુજરાત)(/ˌɡʊdʒəˈrɑːt/) पश्चिमी भारत में स्थित एक राज्य है। इसकी उत्तरी-पश्चिमी सीमा जो अन्तर्राष्ट्रीय सीमा भी है, पाकिस्तान से लगी है। राजस्थान और मध्य प्रदेश इसके क्रमशः उत्तर एवं उत्तर-पूर्व में स्थित राज्य हैं। महाराष्ट्र इसके दक्षिण में है। अरब सागर इसकी पश्चिमी-दक्षिणी सीमा बनाता है। इसकी दक्षिणी सीमा पर दादर एवं नगर-हवेली हैं। इस राज्य की राजधानी गांधीनगर है। गांधीनगर, राज्य के प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र अहमदाबाद के समीप स्थित है। गुजरात का क्षेत्रफल १,९६,०७७ किलोमीटर है।

गुजरात, भारत का अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। कच्छ, सौराष्ट्र, काठियावाड, हालार, पांचाल, गोहिलवाड, झालावाड और गुजरात उसके प्रादेशिक सांस्कृतिक अंग हैं। इनकी लोक संस्कृति और साहित्य का अनुबन्ध राजस्थान, सिंध और पंजाब, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के साथ है। विशाल सागर तट वाले इस राज्य में इतिहास युग के आरम्भ होने से पूर्व ही अनेक विदेशी जातियाँ थल और समुद्र मार्ग से आकर स्थायी रूप से बसी हुई हैं। इसके उपरांत गुजरात में अट्ठाइस आदिवासी जातियां हैं। जन-समाज के ऐसे वैविध्य के कारण इस प्रदेश को भाँति-भाँति की लोक संस्कृतियों का लाभ मिला है।
नामोत्पत्ति
गुजरात नाम, गुर्जरत्रा से आया है। गुर्जरो का साम्राज्य ६ठीं से १२वीं सदी तक गुर्जरत्रा या गुर्जरभुमि के नाम से जाना जाता था। गुर्जर एक समुदाय है|[1] प्राचीन महाकवि राजसेखर ने गुर्जरो का सम्बन्ध सूर्यवन्श या रघुवन्श से बताया है।[2] कुछ विद्वान इन्हे मध्य-एशिया से आये आर्य भी बताते है।

इतिहास
मुख्य लेख : गुजरात का इतिहास
गुजरात का इतिहास ईसवी पूर्व लगभग २,००० वर्ष पुराना है। माना जाता है कि भगवान कृष्‍ण मथुरा छोड़कर सौराष्‍ट्र के पश्चिमी तट पर जा बसे, जो द्वारिका यानी प्रवेशद्वार कहलाया। बाद के वर्षो में मौर्य, गुप्त, गुर्जर प्रतिहार तथा अन्‍य अनेक राजवंशों ने इस प्रदेश पर राज किया। गुर्जर चालुक्य (सोलंकी) राजाओं का शासनकाल गुजरात में प्रगति और समृद्ध का युग था। महमूद गजनवी की लूटपाट के बावजूद गुर्जर राजाओं ने यहां के लोगों की समृद्धि और भलाई का पूरा ध्‍यान रखा।

भूगोल 
स्वतन्त्रता से पहले गुजरात का वर्तमान क्षेत्र मुख्‍य रूप से दो भागों में विभक्त था- एक ब्रिटिश क्षेत्र और दूसरा देसी रियासतें। राज्‍यों के पुनर्गठन के कारण सौराष्‍ट्र के राज्‍यों और कच्‍छ के केन्द्र शासित प्रदेश के साथ पूर्व ब्रिटिश गुजरात को मिलाकर द्विभाषी बम्बई राज्‍य का गठन हुआ। १ मई १९६० को वर्तमान गुजरात राज्‍य अस्तित्‍व में आया। गुजरात भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसके पश्चिम में अरब सागर, उत्तर में पाकिस्‍तान तथा उत्तर-पूर्व में राजस्‍थान, दक्षिण-पूर्व में मध्‍यप्रदेश और दक्षिण में महाराष्‍ट्र है। राज्य का भौगोलिक क्षेत्रफल १,९६,००० वर्ग किमी है।
कृषि
गुजरात कपास, तम्बाकू और मूँगफली का उत्‍पादन करने वाला देश का प्रमुख राज्‍य है तथा यह कपड़ा, तेल और साबुन जैसे महत्‍वपूर्ण उद्योगों के लिए कच्‍चा माल उपलब्‍ध कराता है। यहाँ की अन्‍य महत्‍वपूर्ण नकदी फसलें हैं - इसबगोल, धान, गेहूँ और बाजरा। गुजरात के वनों में उपलबध वृक्षों की जातियाँ हैं-सागवान, खैर, हलदरियो, सादाद और बाँस।

उद्योग
राज्‍य में औद्योगिक ढाँचे में धीरे-धीरे विविधता आती जा रही है और यहाँ रसायन, पेट्रो-रसायन, उर्वरक, इंजीनियरिंग, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स आदि उद्योगों का विकास हो रहा है। २००४ के अन्त में राज्‍य में पंजीकृत चालू फैक्‍टरियों की संख्‍या २१,५३६ (अस्‍थाई) थी जिनमें औसतन ९.२७ लाख दैनिक श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ था। मार्च, २००५ तक राज्‍य में २.९९ लाख लघु औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण हो चुका था। गुजरात औद्योगिक विकास निगम को ढाँचागत सुविधाओ के साथ औद्योगिक सम्पदाओं के वि‍कास की भूमिका सौंपी गई है। दिसंबर, २००५ तक गुजरात औद्योगिक विकास निगम ने २३७ औद्योगिक सम्पदाएँ स्‍थापित की थी।

सिंचाई और बिजली
राज्‍य में भूतलीय जल तथा भूमिगत जल द्वारा कुल सिंचाई क्षमता ६४.४८ लाख हेक्‍टेयर आंकी गई है जिसमें सरदार सरोवर (नर्मदा) परियोजना की १७.९२ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००५ तक कुल सिंचाई क्षमता ४०.३४ लाख हेक्‍टेयर क्षमता भी सम्मिलित है। राज्‍य में जून २००७ तक कुल सिंचाई क्षमता ४२.२६ लाख हेक्‍टेयर तक पहुँच गई थी। जून २००७ तक अधिकतम उपयोग क्षमता ३७.३३ लाख हेक्‍टेयर आँकी गई।

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