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52-55 दिनों में तैयार होने वाली मूंग वैज्ञानिकों ने विकसित की

52-55 दिनों में तैयार होने वाली मूंग वैज्ञानिकों ने विकसित की

52-55 दिनों में तैयार होने वाली मूंग वैज्ञानिकों ने विकसित की 
 देश के कृषि वैज्ञानिकों ने मूंग की ऐसी किस्म विकसित की है जो मात्र 52 से 55 दिनों में तैयार हो जाती है। दलहन की खेती में लगने वाला लंबा समय किसानों द्वारा इसे कम अपनाए जाने के प्रमुख कारणों में से एक है।गे हूं के बाद बुवाई कर  सकेंगे 

नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन (रबी अभियान 2016-17) के मौके पर वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई आईपीएम 205-07 किस्म जारी की गई। आम तौर पर इस फसल को तैयार होने में 60 से 100 दिन लगते हैं।

मूंग की इस किस्म को किसान गेहूं के तुरंत बाद मार्च-अप्रैल में बो सकेंगे। मूंग की दाल में 25 प्रतिशत तक प्रोटीन होता है जो इसकी मांग को बाज़ार में बढ़ाता है, लेकिन किसान इसकी खेती से विमुख होते जा रहे हैं, कारण है इस फसल का नाज़ुक होना तथा परिपक्व होने में लगने वाला लंबा समय।

दलहन की खेती किसानों के खेतों की मिट्टी के लिए अत्यंत उपयोगी होती है, क्योंकि इसकी जड़ें वातावरण से नाइट्रोजन अवशोषित कर मिट्टी में जमा करती हैं। किसान इस नई किस्म को हांसिल करने के लिए आईसीएआर-नई दिल्ली से संपर्क कर सकते हैं।