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फसलों को बीमारियों से बचायें

फसलों को बीमारियों से बचायें

वर्तमान समय में खेत की सतत निगरानी करते हुये फसल में रोगों से बचाव हेतु उपाय कर लें। बताया कि अरहर व धान का पत्ती लपेटक रोग से पीले रंग की सूड़ियाॅ पौधे की चोटी की पत्तियों को लपेटकर सफेद जाला बना लेती हैं और उसी में छिपी पत्तियों को खाती हैं और बाद में फूलों,फलों को नुकसान पहुॅचाती हैं। बचाव हेतु मोनोक्रोटोफास 36 प्रतिषत 1 लीटर या क्यूनालफास 25 प्रतिशत ईसी 1.250 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 800 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें या नीम का तेल गौमूत्र के साथ स्प्रे करें ।
धान का गन्धी बग- 

छत्तीसगढ़ धनिया में स्वाद के साथ खुशबू भी

छत्तीसगढ़ धनिया में स्वाद के साथ खुशबू भी

हरा धनिया की दो पत्ती सब्जी या सलाद के स्वाद को बढ़ा देती है। अब इसी स्वाद को दोगुना करने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विवि (इंगांकृविवि) के वैज्ञानिकों ने 'छत्तीसगढ़ धनिया" विकसित किया है, जिसमें सामान्य धनिया के अपेक्षाकृत पैदावार और खुशबू कहीं ज्यादा है। गौरतलब है कि राज्य के किसान धनिया की खेती करते हैं, लेकिन बीज लगने से पहले पत्तियों को तोड़कर उपयोग कर लेते हैं या बाजार में बंडल बनाकर बेच देते हैं। ऐसे में अब 'छत्तीसगढ़ धनिया" की बोनी कर उपयोगिता के साथ-साथ बीज का संरक्षण भी कर सकेंगे।

अक्टूवर माह में खेती कार्य

अक्टूवर माह में खेती में क्या करें
  • आम की गमोसिस तथा एन्थेक्नोज की रोकथाम हेतु 2.5 वाम ब्लाइटाक्स 50 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें ।
  • जो नये रोपित पौधे मर गये हैं, उनके स्थान पर दूसरा पौध लगायें ।
  • आम में सिचंाई रोक दें ।
  • इथरेल का छिडकाव करें ।
  • गूटी वाले पोधे पृथक कर क्यारियों में लगायें ।
  • नींबूवर्गीय में बोर्े पेस्ट लगाना ।
  • अंगूर के पौधों की सिचंाई कर कटाई छंटाई करें ।
  • संतरों, मौसम्बी तथा ग्रेपफूट में कलिकायन करना ।
  • अंगूर की कलम तैयार करें ।मूलवृन्त की शाखाएँ तोडें ।
  • शीतकालीन पुष्प लगाएँ।
  • गुलाब की छंटाई करें ।

भारत में बढ़ी जैविक खेती - कृषि मंत्री

भारत में बढ़ी जैविक खेती

परंपरागत कृषि विकास योजना ऐसी पहली विस्तृत योजना है, जिसे केन्द्र द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम के रूप में शुरू किया गया है। इस योजना का कार्यान्वयन राज्य सरकारें कर रही हैं, जिसका आधार प्रत्येक 20 हेक्टेयर खेत को निर्धारित किया गया है और इसके संबंध में क्लस्टर बनाए गए हैं।
राधा मोहन, कृषि मंत्री

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