Organic Farming

फूलगोभी की उन्नत खेती

यह भारत की प्रमुख सब्जी है फूलगोभी की खेती पूरे वर्ष में की जाती है। इससे किसान अत्याधिक लाभ उठा सकते है। इसको सब्जी, सूप और आचार के रूप में प्रयोग करते है। इसमे विटामिन बी पर्याप्त मात्रा के साथ-साथ प्रोटीन भी अन्य सब्जियों के तुलना में अधिक पायी जाती है
 
जलवायु 

पालक की उन्नत खेती

जलवायु 
पत्ती वाली सब्जियों पलक महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है । पालक की सफलतापूर्वक खेती के लिए ठण्डी जलवायु की आवश्यकता होती है। ठण्ड में पालक की पत्तियों का बढ़वार अधिक होता है जबकि तापमान अधिक होने पर इसकी बढ़वार रूक जाती है, इसलिए पालक की खेती मुख्यत: शीतकाल में करना अधिक लाभकर होता है। परन्तु पालक की खेती मध्यम जलवायु में वर्षभर की जा सकती है।
भूमि एवं तयारी 

पत्ता गोभी (बंद गोभी) की खेती

पत्ता गोभी की खेती
यह रबी मौसम की एक महत्वपूर्ण सब्जी है । पत्ता गोभी, उपयोगी पत्तेदार सब्जी है। उत्पति स्थल मूध्य सागरीय क्षेत्र और
साइप्रस में माना जाता है। पुर्तगालियों द्वारा भारत में लाया गया।  जिसका उत्पादन देश के प्रत्येक प्रदेश में किया जाता है । इसे बन्धा तथा बंदगोभी के नाम से भी पुकारा जाता है । पत्ता गोभी में विशेष मनमोहक सुगन्ध ‘सिनीग्रिन’ ग्लूकोसाइड के कारण होती
है। पोष्टिक तत्वों से भरपूर होती है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ‘ए’ और ‘सी’ तथा कैल्शियम, फास्फोरस खनिज होते है। इसका उपयोग सब्जी और सलाद के रूप में किया जाता है। सुखाकर तथा आचार तैयार

धान में लगने वाले प्रमुख कीट एवं उनकी रोकथाम

धान में लगने वाले प्रमुख कीट एवं उनकी रोकथाम 
मुख्य समस्याए
धान की फसल को विभिन्न क्षतिकर कीटों जैसे तना छेदक, गुलाबी तना छेदक, पत्ती लपेटक, धान का फूदका व गंधीबग द्वारा नुकसान पहुँचाया जाता है तथा बिमारियों में जैसे धान का झोंका, भूरा धब्बा, शीथ ब्लाइट, आभासी कंड व जिंक कि कमी आदि की समस्या प्रमुख है.

फसलों में यैलो मोसिक वायरस लाने की सबसे बडा कारण सफेद मक्खी

फसलों पर वायरस अटैक कर रहा है। इससे पैदावार कम हो रही है और 3-4 दिन के अन्दर पूरे खेत में फैल जाता है और सम्पूर्ण फसल पीली पड़ जाती है। । 90 प्रतिशत से ज्यादा मिर्च की फसल में वायरस को फैलाने में सफेद मक्खी की भूमिका रही है। बीजों का उचित उपचार नहीं किया जाना, साथ ही जानकारी का अभाव, विलंब से मानसून आना। लंबे समय तक पड़ने वाला सूखा भी वायरस को फैलाने में सहयोगी रहा। किसानों द्वारा अंधाधुंध कीटनाशकों का उपयोग, बिना जानकारी के कीटनाशकों के मिश्रण का छिड़काव। किसानों द्वारा लगातार एक ही फसल का लिए जाना। फसल चक्र में बदलाव नहीं करना आदि कारण है। सब्जी की फसलों पर कीटाणु और वायरस अटैक से  

चुकंदर की जैविक खेती

चुकंदर की उपयोगी गुण पोषक तत्वों से समृद्ध है।यह 8-15% चीनी, 1.3-1.8% प्रोटीन, 3-5% कार्बनिक अम्ल, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम, फास्फोरस, आयोडीन, आयरन और मैंगनीज की बड़ी मात्रा में, साथ ही विटामिन सी, बी 1, बी 2 में शामिल, पी, पीपी।गरमी चुकंदर पर अन्य सभी भोजन रसीला सब्जियों से बढ़कर है।यह रस, रक्त को शुद्ध करने में मदद करता पेट और जिगर की गतिविधि को बढ़ावा देने।यह प्रति वर्ष औसतन हर व्यक्ति सब्जियों के कम से कम 6 किलो का उपभोग करना चाहिए के लिए अनुमान है।

धान की खेती में नया प्रकोप रेडबर्म एवं उपचार

धान फसल में अब ब्लास्ट रोग के बाद रेडबर्म (कीट) का प्रकोप हो गया है। रेडबर्म के फसल में लगने से पौध सूखकर नष्ट हो रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान कृषि वैज्ञानिकों की सलाह अनुसार दवाईयां भी खरीदकर छिड़काव कर रहे है,लेकिन इसका असर रोग पर कतई होता नजर नहीं आ रहा है। यह कीट केचुएं के समान होता है जो पौध की जड़ से लगना शुरू होता है। कीट के लगने के बाद पौधे सूखने लगती है और खत्म हो जाती है। किसानों ने धान फसल में लगे इस कीट को मारने के लिए कई तरीके अपनाएं लेकिन, एक भी तरीका सफल नहीं हुआ। 

उपाय

गाजर की उन्नत जैविक खेती

गाजर एक महत्वपूर्ण जड़वाली सब्जी की फ़सल है गाजर की खेती पूरे भारतवर्ष में की जाती है गाजर को कच्चा एवं पकाकर दोनों ही तरह से लोग प्रयोग करते है गाजर में कैरोटीन एवं विटामिन ए पाया जाता है जो कि मनुष्य के शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है नारंगी रंग की गाजर में कैरोटीन की मात्रा अधिक पाई जाती है गाजर की हरी पत्तियो में बहुत ज्यादा पोषक तत्व पाये जाते है जैसे कि प्रोटीन, मिनिरल्स एवं विटामिन्स  आदि जो कि जानवरो को खिलाने पर लाभ पहुचाते है गाजर की हरी पत्तियां मुर्गियों के चारा बनाने में काम आती है गाजर मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, असाम, कर्नाटक, आंध्रा प्रदेश, पंजाब एवं हरियाणा में उगाई जाती हैI

शकरकंद की जैविक खेती

शकरकंद में स्टार्च अधिक मात्रा में पाया जाता है इसको शीतोष्ण तथा समशीतोष्ण जलवायु वाले स्थानो पर अधिक उगाया जाता हैI यह लगभग पूरे भारतवर्ष में उगाई जाती है भारत उगाने के क्षेत्र में 6वें स्थान पर आता है लेकिन यहां पर इसकी उत्पादकता कम है इसकी खेती सबसे अधिक ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल एवं महाराष्ट्र में क्रमशः की जाती हैI
जलवायु 

भारत में पान की खेती

  भारत में पान की खेती:- भारत वर्ष में पान की खेती प्राचीन काल से ही की जाती है। अलग-अलग क्षेत्रों में इसे अलग- अलग नामों से पुकारा जाता है। इसे संस्कृत में नागबल्ली, ताम्बूल हिन्दी भाषी क्षेत्रों में पान मराठी में पान/नागुरबेली, गुजराती में पान/नागुरबेली तमिल में बेटटीलई,तेलगू में तमलपाकु, किल्ली, कन्नड़ में विलयादेली और मलयालम में बेटीलई नाम से पुकारा जाता है। देश में पान की खेती करने वाले राज्यों में प्रमुख राज्य निम्न है। 

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